सीधे जवाब।
जहाँ कुछ अभी नहीं बना है, वहाँ भी वही लिखा है — उतने ही बड़े अक्षरों में।
गाड़ी मालिकों के लिए
क्या मुझे Gatish को कुछ देना होता है?
नहीं। काम होने के बाद आप सीधे पार्टनर को नकद या UPI से भुगतान करते हैं। Gatish आपका पैसा कभी नहीं लेता।
कोटेशन कैसे आते हैं?
अपनी ज़रूरत पोस्ट कीजिए और OTP से नंबर वेरिफ़ाई कीजिए। आस-पास के ज़्यादा से ज़्यादा 5 पार्टनर आपको दाम की रेंज भेजते हैं। आप एक चुनते हैं; वह पार्टनर गाड़ी देखकर पूरा एस्टिमेट भेजता है, और आप हर लाइन अलग से मंज़ूर करते हैं। उसके बिना काम शुरू नहीं होता।
मेरा मोबाइल नंबर कौन देखता है?
पोस्ट की गई ज़रूरत पर पार्टनर को सिर्फ़ काम दिखता है। आपका नंबर सिर्फ़ उसी एक पार्टनर को जाता है जिसका कोटेशन आप चुनते हैं। अगर आप ख़ुद किसी स्टोर को कॉल या WhatsApp करते हैं, तो उस स्टोर को आपका नंबर दिखता है, जैसे किसी भी कॉल में।
क्या कोटेशन ही अंतिम बिल है?
नहीं। गाड़ी देखे बिना कोई पक्का दाम नहीं बता सकता। कोटेशन एक रेंज है; अंतिम एस्टिमेट गाड़ी देखने के बाद आता है, और आप उसे लाइन-दर-लाइन मंज़ूर करते हैं।
क्या लिस्टिंग असली हैं?
जब तक साइट पर “Demo” बैनर दिखता है, “Demo” लिखी लिस्टिंग नमूना हैं और ऑनलाइन बुकिंग अभी चालू नहीं है। डेमो लिस्टिंग पर कॉल या मैसेज बंद है।
“वेरिफ़ाइड” का मतलब क्या है?
Gatish ने पार्टनर की KYC जाँच मंज़ूर की है। इससे पता चलता है कि बिज़नेस कौन है; यह काम की गारंटी नहीं है। रेटिंग तभी दिखती है जब काफ़ी रिव्यू हों।
डायरेक्टरी किस क्रम में दिखती है?
पहले सबसे पास वाले, फिर KYC-वेरिफ़ाइड, फिर रेटिंग — पूरे नियम रैंकिंग पेज पर हैं। कोई पैसे देकर ऊपर नहीं आता; अगर कभी पेड प्लेसमेंट शुरू हुए, तो उन पर हमेशा “Sponsored” लिखा होगा।
काम में गड़बड़ हुई। अब क्या करें?
पहले पार्टनर से बात कीजिए: काम का रिकॉर्ड और ज़िम्मेदारी उन्हीं की है, और उनका नंबर आपके बिल पर है। फिर भी हल न हो, तो संपर्क पेज का शिकायत वाला हिस्सा देखिए।
Gatish इस्तेमाल करने वाले गैराज के लिए
क्या यह सच में फ़्री है?
फ़्री प्लान में महीने के 40 जॉब कार्ड, 2 यूज़र और एक ब्रांच है। जॉब कार्ड, एस्टिमेट, GST बिल, प्रिंट और रिमाइंडर — सब शामिल हैं। यह ट्रायल नहीं है; 40 जॉब कार्ड तक यह हमेशा फ़्री रहता है।
इंटरनेट न हो तो चलेगा?
जॉब कार्ड के लिए नहीं चाहिए — बेसमेंट में, बिना सिग्नल के भी गाड़ी अंदर ली जा सकती है और काम आगे बढ़ाया जा सकता है। सिग्नल आते ही सब अपने आप सिंक हो जाता है। बिल बनाने के लिए अभी सिग्नल चाहिए; उस पर काम चल रहा है। वेब कंसोल के लिए भी इंटरनेट चाहिए।
क्या मेरा डेटा मेरा ही रहेगा?
हाँ। Customers स्क्रीन से पूरी लिस्ट कभी भी CSV में ले जा सकते हैं, और वह एक्सपोर्ट ऑडिट लॉग में दर्ज होता है। पेड प्लान छोड़ने पर भी एक्सपोर्ट बंद नहीं होता।
क्या दूसरा गैराज मेरे ग्राहक को मैसेज कर सकता है?
नहीं। जिस गैराज ने ग्राहक का रिकॉर्ड बनाया, ग्राहक उसी का रहता है — Gatish उसका नंबर मार्केटिंग के लिए किसी दूसरे गैराज को नहीं देता। उसकी नई बुकिंग रिक्वेस्ट भी पहले उसी गैराज को जाती है।
क्या मेरा मैकेनिक बिल और कमाई देख लेगा?
नहीं। टेक्नीशियन को सिर्फ़ उसका काम दिखता है — न दाम, न ग्राहक का नंबर, न पार्ट की ख़रीद क़ीमत। यह ऐप, वेब और रिपोर्ट — तीनों जगह लागू है।
GSTIN नहीं है तो?
फिर भी सब चलेगा। बिना GSTIN के दस्तावेज़ “Bill of Supply” कहलाता है और उस पर टैक्स नहीं लगता — क़ानून यही कहता है। GSTIN जोड़ने के बाद आगे के बिल “Tax Invoice” बनेंगे।
क्या ऐप से ऑनलाइन पेमेंट ले सकते हैं?
अभी नहीं। नकद, UPI, कार्ड और उधार काउंटर पर दर्ज होते हैं, और बिल पर आपका अपना UPI QR छपता है जिससे पैसा सीधे आपके खाते में जाता है। Gatish के ज़रिए पेमेंट लेना अभी नहीं बना है।
SMS और WhatsApp का ख़र्च किसका?
अभी कोई प्रोवाइडर जुड़ा नहीं है, इसलिए मैसेज भेजना चालू नहीं है। जब होगा, उसका ख़र्च अलग से साफ़ लिखा जाएगा — प्लान के दाम में छिपाकर नहीं।
क्या पुराना डेटा ला सकते हैं?
ग्राहक और गाड़ी की लिस्ट CSV से आ सकती है। पुराने बिल इम्पोर्ट करने का तरीक़ा अभी नहीं बना — वे आपके पुराने सिस्टम में ही रहेंगे।
छोड़ना हो तो?
कभी भी। अपना डेटा एक्सपोर्ट करके ले जाइए। फ़्री प्लान पर अकाउंट चलता रहता है — आपको लॉक नहीं किया जाता।
आपका सवाल यहाँ नहीं है?
पूछ लीजिए। जवाब इंसान देता है, और जो पता नहीं होता, उसे “पता नहीं” ही कहा जाता है।
संपर्क और शिकायत